हमारे बारे में (About Us) | VIKRAANTWORLD Jyotish
प्रिय जिज्ञासु एवं शोधार्थी! वैदिक ज्योतिष केवल भविष्य बताने का साधन मात्र नहीं है, अपितु यह वेदांगों में भगवान वेदपुरुष का 'चक्षु' (दिव्य नेत्र) है। जिस प्रकार नेत्रों के बिना मनुष्य पथभ्रष्ट हो जाता है, उसी प्रकार ज्योतिष रूपी प्रकाश के बिना मनुष्य जीवन के धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग को स्पष्ट रूप से नहीं समझ सकता।
"यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा।
तद्वद् वेदांगशास्त्राणां ज्योतिषं मूर्धनि स्थितम्॥
अङ्गानि वेदस्य मुखं तु व्याकरणं स्मृतम्।
चक्षुः शृणोतु ज्योतिषं श्रोत्रमुक्तं निरुक्तकम्॥"
(भावार्थ: जिस प्रकार मयूरों में शिखा और सर्पों में मणि का स्थान मस्तक पर सर्वोपरि होता है, उसी प्रकार सभी वेदांग शास्त्रों में ज्योतिष का स्थान शिरोमणि है। यह वेदपुरुष का प्रत्यक्ष नेत्र है।)
आज के युग में ज्योतिष को केवल भय दिखाने, कालसर्प या मांगलिक दोष के नाम पर डराने और अंधविश्वास के व्यापार का साधन बना दिया गया है। VIKRAANTWORLD की स्थापना इसी अंधकार को समाप्त करने और जनसामान्य को विशुद्ध, तार्किक, खगोलीय और सात्विक वैदिक ज्योतिष से आलोकित करने के संकल्प के साथ की गई है।
🌟 1. हमारा विज़न एवं मिशन (Our Vision & Mission)
VIKRAANTWORLD (vikraantworld.com) भारत एवं वैश्विक स्तर पर वैदिक और आधुनिक गूढ़ विज्ञानों (Occult & Energy Sciences) के प्रामाणिक, तार्किक एवं वैज्ञानिक शिक्षण का एक प्रतिष्ठित डिजिटल मंच है।
हमारी समर्पित ज्योतिष शाखा jyotish.vikraantworld.com एक ऐसा प्रामाणिक और वैज्ञानिक डिजिटल ज्ञानकोष है, जिसका मुख्य उद्देश्य महर्षि पाराशर, जैमिनी, वराहमिहिर और भृगु मुनि के मूल सिद्धांतों को आधुनिक खगोल विज्ञान और मनोवैज्ञानिक समझ के साथ जोड़कर प्रस्तुत करना है।
🧭 2. हमारे 4 आधारभूत स्तंभ (Core Pillars Table)
| स्तंभ (Pillar) | मूल सिद्धांत (Core Principle) | वास्तविक क्रियान्वयन (How We Implement) |
|---|---|---|
| 1. तर्क एवं खगोल विज्ञान | अंधविश्वास और जादुई दावों का पूर्ण त्याग | अयनांश, ग्रह स्पष्ट, भावांतर, सौर प्रकाशिकी व खगोलीय गणित पर आधारित शुद्ध विश्लेषण |
| 2. प्रामाणिक व सुगम भाषा | कठिन संस्कृत शब्दावली का जन-सुलभ रूपांतरण | 0% Asterisks, शुद्ध व्याकरण, विस्तृत व्याख्या और गुरु-शिष्य संवाद शैली में शिक्षण |
| 3. सात्विक एवं जन-सुलभ उपाय | महंगे रत्नों व भय-दोहन से 100% मुक्ति | जप, ध्यान, पंच महाभूत संतुलन, जीवनशैली सुधार, दान और सात्विक वैदिक अनुष्ठान |
| 4. कर्म की सर्वोच्चता | भाग्यवादिता (Fatalism) का खंडन | ज्योतिष प्रारब्ध का नक्शा दिखाता है; वर्तमान पुरुषार्थ व सत्कर्म ही भविष्य का निर्माण करते हैं |
📚 3. सम्पूर्ण वैदिक ज्योतिष महाग्रंथ (18 Modules Overview)
VIKRAANTWORLD Jyotish पर हमने भारतीय ज्योतिष के संपूर्ण आयामों को 18 गहन मॉड्यूल्स और 136 अध्यायों में संजोया है:
| मॉड्यूल | विषय क्षेत्र | प्रमुख अध्ययन बिंदु |
|---|---|---|
| 01 | आधारभूत सिद्धान्त | वेदांग उत्पत्ति, त्रिस्कन्ध (सिद्धान्त, संहिता, होरा), काल पुरुष अवधारणा व खगोल विज्ञान |
| 02 | 12 राशियां | स्वरूप, तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल), गुण, स्वभाव एवं राशिगत फलित |
| 03 | 12 भाव (कस्प) | तनु से व्यय भाव पर्यन्त कारकांश, जीवन के 12 क्षेत्र व भावाधिपति विश्लेषण |
| 04 | 27 नक्षत्र महाविज्ञान | अश्विनी से रेवती पर्यन्त 27 नक्षत्र, 108 चरण, नक्षत्र देवता व सूक्ष्म स्वभाव |
| 05 | नवग्रह नक्षत्र फलित | 9 ग्रहों का 27 नक्षत्रों में स्थितिजन्य सूक्ष्म फलित एवं युति विश्लेषण |
| 06 | पंचांग महाविज्ञान | तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का खगोलीय एवं व्यावहारिक महत्व |
| 07 | कुण्डली निर्माण एवं गणित | इष्टकाल, भयात-भभोग, स्पष्ट लग्न साधन, भाव सन्धि व गणितीय प्रक्रिया |
| 08 | नवग्रह परिचय एवं फलित | सूर्य से केतु तक नवग्रहों के कारकत्व, उच्च-नीच, दृष्टि व मित्र-शत्रु विचार |
| 09 | दशा महाविज्ञान | विंशोत्तरी महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा एवं अष्टोत्तरी दशा का समय निर्धारण |
| 10 | 12 भावों में नवग्रह | लग्न से द्वादश भाव तक प्रत्येक ग्रह के विशिष्ट शुभ-अशुभ प्रभाव |
| 11 | गोचर एवं साढ़ेसाती | शनि साढ़ेसाती, ढैय्या, गुरु गोचर, राहू-केतु अक्ष व तात्कालिक गोचर फल |
| 12 | षोडशवर्ग कुण्डली | D-1 से D-60 तक सूक्ष्म वर्ग कुण्डलियां (नवांश D-9, दशमांश D-10 आदि) |
| 13 | अष्टकवर्ग सिद्धान्त | भिन्नाष्टकवर्ग, सर्वाष्टकवर्ग, त्रिकोण शोधन, एकाधिपत्य शोधन व रेखा फल |
| 14 | केपी पद्धति | कृष्णमूर्ति पद्धति, उप-स्वामी (Sub-Lord), कस्पल सब-लॉर्ड व अचूक समय फल |
| 15 | जैमिनी सूत्र | आत्मकारक, अमात्यकारक, चर दशा, कारकांश लग्न व अर्गला सिद्धान्त |
| 16 | भृगु नंदी नाडी | कारकतत्व युति, जीव कारक (गुरु), कर्म कारक (शनि) व नाडी संयोजन |
| 17 | मेडिकल व मेदिनीय | रोगों का ज्योतिषीय निदान, काल पुरुष के अंग, भूकंप, मौसम व राष्ट्र फल |
| 18 | लाल किताब व सात्विक उपाय | सोए हुए घर, दृष्टि नियम, 100% सात्विक अचूक टोटके व पर्यावरण सुधार |
🌐 4. VIKRAANTWORLD डिजिटल नेटवर्क तालिका (Network Directory)
| पोर्टल / मंच | आधिकारिक वेब लिंक / हैंडल | मुख्य विषय-वस्तु व सेवा |
|---|---|---|
| वैदिक ज्योतिष पोर्टल | jyotish.vikraantworld.com | 18-मॉड्यूल संपूर्ण ज्योतिष महाग्रंथ, कुण्डली गणित व फलित |
| वास्तु शास्त्र पोर्टल | vastu.vikraantworld.com | 16 दिशाएं, 32 अमृत द्वार, 45 देवता व बिना तोड़-फोड़ के वैज्ञानिक उपाय |
| अंकशास्त्र पोर्टल | numerology.vikraantworld.com | लो-शू ग्रिड, मूलांक, भाग्यांक, नामांक व मोबाइल अंक ज्योतिष |
| मुख्य ब्रांड वेबसाइट | vikraantworld.com | समग्र लाइफ मेंटरशिप, वैदिक परामर्श व शोध अध्ययन |
| आधिकारिक ईमेल | contact@vikraantworld.com | सामान्य पूछताछ, जन्म कुण्डली परामर्श व शोध संवाद |
| YouTube चैनल | @endofdarkness22 | विस्तृत वीडियो लेक्चर्स, केस स्टडीज व आध्यात्मिक पॉडकास्ट |
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👤 5. संस्थापक एवं मुख्य मेंटर परिचय (Founder Profile)
| विवरण बिंदु | तथ्य एवं परिचय |
|---|---|
| संस्थापक एवं मेंटर | Vikraant (विक्रांत) |
| अनुसंधान क्षेत्र | वैदिक ज्योतिष (पाराशर, जैमिनी, केपी, नाडी), स्थापत्य वेद (वास्तु शास्त्र), अंकशास्त्र (लो-शू ग्रिड) एवं चेतना विज्ञान |
| कार्यप्रणाली | 100% तार्किक, गणितीय, अंधविश्वास-मुक्त एवं सात्विक वैदिक ऊर्जा संरेखण |
| ध्येय वाक्य (Motto) | End of Darkness — अंधकार से प्रकाश की ओर |
| प्रतिबद्धता | सनातन ऋषियों के ज्ञान को आडंबरों से मुक्त कर आम जन तक पहुंचाना और जीवन में स्पष्टता लाना |
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